PM Kisan Scheme प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अन्नदाताओं को होली और रबी सीजन का बड़ा उपहार देते हुए PM-KISAN योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है। असम के गुवाहाटी से आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे 9.32 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में ₹18,640 करोड़ की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई। रबी फसलों की कटाई और आने वाले कृषि कार्यों के लिए यह आर्थिक मदद किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी।
पीएम किसान योजना में बढ़ता ‘नारी शक्ति’ का दबदबा
इस बार की किस्त केवल आंकड़ों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के नजरिए से भी महत्वपूर्ण रही है। कुल लाभार्थियों में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल हैं, जो भारतीय कृषि क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके आधिकारिक स्वामित्व को दर्शाता है। सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाला है, जिससे महिला किसान अब खेती-किसानी के फैसलों में अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं।
योजना का सफर: अब तक ₹4.27 लाख करोड़ का लाभ
साल 2019 में शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब तक पात्र किसानों को कुल ₹4.27 लाख करोड़ से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। इस योजना के तहत हर साल किसानों को ₹6,000 की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों (₹2,000 प्रत्येक) में दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खातों में आने से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है और पारदर्शिता बढ़ी है।
इन किसानों की अटक सकती है अगली किस्त
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियमों का पालन अनिवार्य है। यदि आपकी 22वीं किस्त नहीं आई है, तो इसके पीछे e-KYC का अधूरा होना या बैंक खाते का आधार से लिंक न होना मुख्य कारण हो सकता है। लाभार्थी किसान आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ओटीपी के जरिए या नजदीकी सीएससी सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाकर अपनी ई-केवाईसी तुरंत पूरी कर सकते हैं।
लाभार्थी स्टेटस चेक करने की आसान प्रक्रिया
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को काफी सरल बना दिया है। अपनी किस्त का स्टेटस जानने के लिए इन चरणों का पालन करें:
- आधिकारिक ट्विटर हैंडल: https://x.com/pmkisanofficial
- आधिकारिक स्रोत: https://pmkisan.gov.in/
- होमपेज पर ‘Beneficiary Status’ के विकल्प को चुनें।
- अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद आपकी पेमेंट हिस्ट्री और ताजा किस्त की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
23वीं किस्त के लिए ‘Farmer ID’ होगी जरूरी?
22वीं किस्त के बाद अब किसानों की नजरें अगली यानी 23वीं किस्त पर टिकी हैं, जिसके जून-जुलाई 2026 के आसपास आने की संभावना है। विशेषज्ञों और सरकारी संकेतों के अनुसार, अगली किस्त के लिए ‘Farmer ID’ को अनिवार्य बनाया जा सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना डिजिटल पहचान पत्र बनवा लें और अपने भूमि रिकॉर्ड को पोर्टल पर अपडेट रखें ताकि भविष्य में कोई रुकावट न आए।
अपात्रता की शर्तें: किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?
यह जानना भी जरूरी है कि हर जमीन मालिक इस योजना का पात्र नहीं है। आयकर भरने वाले सरकारी कर्मचारी, और ₹10,000 से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले लोग इस दायरे से बाहर हैं। इसके अलावा, डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पेशेवर भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। यदि किसी परिवार में पति-पत्नी दोनों के नाम पर जमीन है, तब भी परिवार का केवल एक ही सदस्य इस सहायता राशि का हकदार माना जाता है।








